बिहार पुलिस ने मंगलवार को संकेत दिया कि व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या का संबंध भूमि विवाद से हो सकता है। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने पटना में मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि जांच के दौरान स्थानीय व्यापारी अशोक साव के घर से कई भूमि दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा, "कई भूमि दस्तावेज बरामद किए गए हैं और अशोक साव के मोबाइल फोन पर मिली कई बातचीत से पता चलता है कि भूमि विवाद था। पुलिस इसकी आगे जांच कर रही है।" पुलिस को संदेह है कि अशोक साव ने चार लाख रुपये में हत्या की सुपारी देकर हत्या की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई।
शनिवार रात को खेमका के घर के बाहर गोली चलाने के लिए इस्तेमाल की गई बंदूक कथित शूटर के ठिकाने से बरामद कर ली गई है। सोमवार को बंदूकधारी उमेश यादव को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा अजय साव को भी गिरफ्तार किया गया। अजय साव ने खेमका की हत्या के लिए 50,000 रुपये की अग्रिम राशि दी थी। पुलिस ने दावा किया कि यादव ने हत्या में अपनी भूमिका कबूल कर ली है। पुलिस ने उसके घर से 59 राउंड गोलियां भी बरामद की हैं।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि पटना में खेमका के घर के बाहर बाइक सवार हमलावर ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। इससे सात साल पहले हाजीपुर में बदमाशों ने उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना शुक्रवार रात करीब 11.40 बजे गांधी मैदान इलाके में खेमका के घर के गेट के पास हुई, जब वो अपनी कार से उतरने वाले थे।