शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। बारिश के बीच सांसद छाते और तख्तियां लेकर मकर द्वार के सामने पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान 'अमित शाह जवाब दो' जैसे नारे भी लगाए गए।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादती पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार छात्रों को लेकर गंभीर है तो गृह मंत्री को संसद में आकर उनसे माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस भी दिया। इसमें उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं से मिले चंदे में कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और धोखाधड़ी पर चर्चा की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर एक संगठित गिरोह के जरिए श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए पैसे और कीमती सामान की कथित हेराफेरी की गई।
वहीं, विपक्षी सांसद 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। संसद का मौजूदा मानसून सत्र पिछले दो हफ्तों से हंगामे के कारण काफी प्रभावित रहा है। विपक्ष के विरोध के बीच गुरुवार को लोकसभा ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस बिल में निवेश बढ़ाने, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और टैक्स व्यवस्था में स्पष्टता लाने से जुड़े कई बदलाव प्रस्तावित हैं।