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मणिपुर पुलिस के लगभग 2,000 रंगरूट असम अकादमी से उत्तीर्ण

मणिपुर पुलिस के करीब 2,000 जवान सोमवार को यहां लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी से उत्तीर्ण हुए जिससे हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य में पुलिस बल को मजबूती मिलेगी। एक अधिकारी ने ये जानकारी दी। इस अवसर पर आयोजित समारोह में असम और मणिपुर के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए।

वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि मणिपुर पुलिस के 1,984 रंगरूटों के लिए 44 सप्ताह का गहन बुनियादी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जनवरी में असम पुलिस अकादमी में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘जिन 1,984 रंगरूटों ने प्रशिक्षण शुरू किया था, उनमें से 1,946 पास हो गए हैं। दुर्भाग्य से, दो रंगरूटों की स्वास्थ्य दिक्कतों की वजह से मौत हो गई और बाकी ने चिकित्सकीय और निजी वजहों से प्रशिक्षण बीच में छोड़ दिया।’’

असम पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी (एलबीपीए) को ‘‘पिछले दो वर्षों में रंगरूटों को प्रशिक्षण देने में इसके सफल रिकॉर्ड’’ के कारण इस कार्यक्रम के लिए चुना गया था। यहां लगभग 7,000 जवानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अधिकारी ने कहा कि मणिपुर में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और उच्च जोखिम वाले माहौल में इन रंगरूटों की संभावित तैनाती को देखते हुए प्रशिक्षण दिया गया।

उन्होंने कहा कि इस दौरान मानसिक दृढ़ता और इकाई सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय एकीकरण प्रशिक्षण, कोर भावना का निर्माण और राइफलमैन के बीच आपसी सामंजस्य बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। नये रंगरूटों के सामुदायिक स्वरूप के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने बताया कि इनमें 62 प्रतिशत मेइती, 12 प्रतिशत कुकी और बाकी 26 प्रतिशत नगा और अन्य जनजातीय समुदायों से संबंधित हैं। मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में पिछले वर्ष मई से 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।