महाराष्ट्र के जलगांव में ट्रेन दुर्घटना में मारे गए 13 लोगों में से चार की पहचान नेपाल के नागरिक के तौर पर हुई है।अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में मारे गए नेपाल के इन नागरिकों में एक लड़का और दो महिलाएं शामिल हैं। महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में चेन खींचने की घटना के बाद कुछ यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए। हालांकि पास की पटरी से गुजर रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से करीब 13 लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए।
स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस दत्तात्रेय कराले ने पीटीआई वीडियो को बताया, ‘‘हमने अब तक 13 में से आठ शवों की पहचान कर ली है, जिनमें से दो की पहचान उनके आधार कार्ड से हुई है।’’ जलगांव जिला सूचना अधिकारी युवराज पाटिल ने बताया कि मरने वाले आठ लोगों में से चार नेपाल के रहने वाले थे। अधिकारियों की जारी की गई सूची के मुताबिक, दुर्घटना में मारे गए चार नेपाली नागरिकों की पहचान 43 साल की कमला नवीन भंडारी (जो मुंबई के कोलाबा में रहती थीं), 60 साल की जवाकला भाटे (जो ठाणे के भिवंडी में रहती थीं), 40 साल की लच्छीराम खटारू पासी और 11 साल के इम्तियाज अली के रूप में हुई है।
घायलों में से 10 का अभी इलाज किया जा रहा है, जिनमें नौ का पचोरा सिविल अस्पताल में और एक का जलगांव शहर के एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। युवराज पाटिल ने बताया कि मामूली रूप से घायल लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि मध्य रेलवे कर्मियों की टीम ने बुधवार रात अस्पतालों का दौरा किया और नौ घायल यात्रियों को 2.70 लाख रुपये का मुआवजा दिया। मध्य रेलवे के अधिकारियों ने पहले बताया था कि दुर्घटना उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पचोरा शहर के पास माहेजी और परधाडे स्टेशनों के बीच हुई, जब बुधवार शाम करीब चार बजकर 45 मिनट पर किसी ने ट्रेन की चेन खींच दी। इसके बाद लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस रुक गई।
अधिकारियों के मुताबिक पुष्पक एक्सप्रेस में सवार कुछ यात्री आग लगने के डर से जल्दबाजी में बगल की पटरियों पर कूद गए और बेंगलुरू से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। रेलवे बोर्ड के सूचना और प्रचार विभाग के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर दिलीप कुमार ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि कोच के अंदर किसी चिंगारी या आग के कारण यात्रियों ने अलार्म बजाया था।
स्विटजरलैंड के दावोस से एक वीडियो संदेश में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा, "ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों को गलती से लगा कि ट्रेन से धुआं निकल रहा है और वे कूद गए। दुर्भाग्य से, वे दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।"
मुख्यमंत्री ने हादसे में मारे गए यात्रियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। रेलवे बोर्ड ने अलग से मृतकों के परिजनों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायलों को पांच-पांच हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।