केरल में वायनाड जिले के मनंतावडी गांव के प्रियदर्शिनी एस्टेट में शुक्रवार सुबह एक बाघ के हमले में 47 साल की महिला की मौत हो गई, जिसके बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि बाघ के हमले में जान गंवाने वाली महिला की पहचान अनुसूचित जाति की राधा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि बाघ ने महिला पर सुबह उस समय हमला किया जब वह बागान में काम कर रही थीं।
बाघ के खुलेआम घूमने के मद्देनजर, मनंतवाडी उप-विभागीय मजिस्ट्रेट मिसाल सागर भारत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की। धारा के तहत मनंतवाडी नगरपालिका के चार डिवीजनों में सभी प्रकार के सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दी गई। साथ ही लोगों को रात के समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, कैमरा ट्रैप और पिंजरे लगाए गए हैं और बाघ को पकड़ने या मारने के लिए इलाके में रैपिड रिस्पांस टीमें (आरआरटी) तैनात की गई हैं। कांग्रेस ने क्षेत्र में बार-बार हो रहे वन्यजीव हमलों को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता के विरोध में शनिवार को मनंतवाडी नगरपालिका में सुबह से शाम तक हड़ताल का आह्वान किया है।
महिला पर हमला केरल के वन मंत्री ए. के. ससींद्रन द्वारा विधानसभा में दावा किए जाने के एक दिन बाद हुआ है कि राज्य में मानव-पशु संघर्ष कम हो रहे हैं और सरकार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा, सुबह जल्दी काम पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) तैनात की जा रही हैं।