जम्मू कश्मीर में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मंगलवार सुबह बर्फ हटाने का काम शुरू किया। पिछले कुछ दिनों में हुई बर्फबारी की वजह से सड़कें और घरों की छतें बर्फ की परतों से ढक गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को कश्मीर में शीतलहर की स्थिति और भी गंभीर हो गई। घाटी में न्यूनतम तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों में घाटी में अलग-अलग जगहों पर बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर अभी में ‘‘चिल्लई- कलां’ की चपेट में है, जो सर्दियों के दौरान सबसे कठोर समय होता है।
21 दिसंबर से शुरू हुए 40 दिनों के ‘चिल्लई- कलां’ के दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक रहती है और तापमान में काफी गिरावट आती है। ‘चिल्लई- कलां’ 30 जनवरी को समाप्त होता है, जिसके बाद 20 दिनों का ‘चिल्लई- खुर्द’ और 10 दिनों का ‘चिल्लई -बच्चा’ होता है।