दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के लिए आचार संहिता और दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि चुनाव दिल्ली हाईकोर्ट और लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराए जाएंगे। जारी निर्देशों के अनुसार, कैंपस और उसके आसपास किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं होगी। प्रिंटेड पोस्टर, बैनर, होर्डिंग और डिजिटल बिलबोर्ड लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
उम्मीदवार केवल 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर हाथ से बनाए गए पोस्टर ही लगा सकेंगे। ब्लॉक प्रिंटिंग, स्प्रे पेंट और फ्लेक्स पोस्टर लगाने की भी अनुमति नहीं होगी। नगर निगम (MCD) के विज्ञापन बोर्ड पर किसी भी प्रकार का पोस्टर लगाने पर कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्येक उम्मीदवार को अधिकतम पांच कारों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। ट्रैक्टर, जेसीबी और जानवरों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा, काली फिल्म (टिंटेड ग्लास) लगी गाड़ियां और बिना नंबर प्लेट या छिपी हुई नंबर प्लेट वाले वाहन भी प्रतिबंधित रहेंगे। कैंपस में अवैध रूप से खड़े वाहनों का चालान किया जाएगा या उन्हें टो कर हटाया जाएगा। किसी भी कार, बस, ऑटो, ई-रिक्शा या अन्य वाहन पर उम्मीदवार के नाम वाले स्टिकर लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही उम्मीदवार अपने नाम वाले उपहार, स्मृति चिन्ह, कैनोपी या छाते भी वितरित नहीं कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा कोई प्रचार सामग्री मिली तो संबंधित उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जा सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी सार्वजनिक सभा के आयोजन से पहले प्रॉक्टर कार्यालय को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि कैंपस में अव्यवस्था, जाम या अलग-अलग छात्र संगठनों के कार्यक्रमों के टकराव से बचा जा सके।
विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रचार के दौरान प्रत्येक कॉलेज में केवल पांच छात्र ही प्रवेश कर सकेंगे। वहीं, महिला कॉलेजों के छात्रावासों में केवल छात्राओं को ही प्रचार की अनुमति होगी। बैठक में मौजूद सभी छात्र संगठनों ने इन नियमों का पालन करने और विश्वविद्यालय प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया। विश्वविद्यालय ने बताया कि यह आचार संहिता सभी संबद्ध कॉलेजों को भी भेजी जाएगी।