भारत आज विश्व कप क्वालीफायर के दूसरे राउंड में दूसरी बार कुवैत से भिड़ेगा। पहला मैच भारत ने जीता था और ब्लू टाइगर्स को अपने इसी प्रदर्शन को बरकरार रखना चाहेगी।
टीम के कप्तान सुनील छेत्री का ये फेयरवेल मैच है। भारत के इतिहास के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक छेत्री इस मैच के बाद संन्यास ले लेंगे।
भारत के हेड कोच इगोर स्टिमैक ने इस मैच को पिछले तीन दशकों में भारत के सबसे महत्वपूर्ण मैचों में से एक बताया है।
पिछले साल नवंबर में भारत ने कुवैत को 0-1 के मामूली अंतर से हराया था।
अगर भारत ये मैच हारता है, तो ब्लू टाइगर्स के लिए विश्व कप क्वालीफायर के तीसरे दौर में पहुंचने की बहुत कम या कोई संभावना नहीं होगी। कतर के खिलाफ उनका एक मैच अभी बाकी है, जो 11 जून को होगा।
क्वालीफायर मैच से पहले कुवैत ने विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगन में प्रैक्टिस की। टीम बैंकॉक से कोलकाता पहुंची थी, जहां उसने एक हफ्ते ट्रेनिंग की।
कुवैत ने ट्रेनिंग के लिए बैंकॉक को ही चुना क्योंकि यहां का मौसम कोलकाता जैसा ही है।
1982 विश्व कप में हिस्सा लेने वाला कुवैत एक समय एशिया की टॉप फुटबॉल टीमों में से एक थी। उन्होंने रिकॉर्ड 10 बार गल्फ कप जीता है। फिर भी वे फीफा रैंकिंग में 139वें नंबर पर हैं। सरकारी हस्तक्षेप की वजह से उन्हें फीफा ने तीम बार प्रतिबंधित कर दिया था।
फीफा विश्व कप 2026 में जगह बनाने के लिहाज से भारत के लिए कुवैत के खिलाफ जीतना जरूरी है। कप्तान सुनील छेत्री के आखिरी मैच में ब्लू टाइगर्स उन्हें जीत के साथ विदाई देना चाहेंगे। वहीं छेत्री भी इस मैच को यादगार बनाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।