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घर में लड्डू गोपाल की कैसे करें स्थापना ? यहां देखें पूरी विधि...

भगवान कृष्ण बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की मूर्ति ज्यादातर घरों में मिल जाती है. लोग इन्हें बच्चे की तरह प्यार करते हैं. पूजा करते हैं और सेवा भी करते हैं. लेकिन लड्डू गोपाल की सेवा के कुछ विशेष नियम हैं. अगर आपके भी घर में लड्डू गोपाल विराजे हैं तो उनकी पूजा के खास नियम आपके लिए जानना जरूरी हैं. लड्डू गोपाल को घर में लाकर सबसे पहले उनकी प्राण प्रतिष्ठा करानी चाहिए. मान्यता है कि जब प्राण प्रतिष्ठा हो जाती है तो वो घर लड्डू गोपाल का हो जाता है और वो उसकी हमेशा रक्षा करते हैं.

प्राण प्रतिष्ठा कैसे करें

लड्डु गोपाल की प्रतिष्ठा की प्रक्रिया चार दिनों तक चलती है. पहले दिन लड्डू गोपाल को एक अनाज से भरे बर्तन मे रखे. अनाज में आप गेहू, चावल, इत्यादि कुछ भी ले सकते है. और उस बर्तन मे लड्डू को अनाज से पूरा ढक दें व उनकी आखों पर एक पट्टी भी बाँध दे. फिर दूसरे दिन नहा कर नित्यकर्म करने के बाद ब्रह्म मुहूर्त में अपनी आखें बंद कर के बाहर निकालें, उनकी पट्टी खोले और प्यार से लड्डू को निहार कर उनको एक बर्तन में रखकर बर्तन में सभी तरह फल रखें. फिर तीसरे दिन नहा धोकर ब्रह्म मुहूर्त में लड्डू को फलों के बर्तन से निकाल कर सब्जी के बीच में लड्डू को रखा जाता है. और इसी तरह चौथे दिन लड्डू को फूलों में रखा जाता है. 

परिवार के बच्चे की तरह करें देखरेख

लड्डू गोपाल की देखरेख परिवार में बच्चे की तरह होनी चाहिए. सुबह स्नान कराकर स्वच्छ कपड़े पहनाना, फिर नाश्ता, दोपहर का खाना, रात का खाना खिलाना चाहिए. सर्दी और गर्मी के हिसाब से उन्हें ठंडे या गर्म पानी से स्नान कराना चाहिए. साथ ही मौसम के हिसाब से उनके लिए स्वेटर, छोटी सी रजाई, पंखे वगैरह की व्यवस्था करनी चाहिए. जब भी घर में कुछ लाएं तो सबसे पहले उन्हें समर्पित करनी चाहिए.

बाहर जाते समय किसी को उनकी जिम्मेदारी सौंपें

जब भी घर से बाहर जाएं तो उनकी जिम्मेदारी आस पड़ोस में या किसी जानने वाले को दे जाएं. ताकि लड्डू गोपाल का नियम न टूटे. अगर आप चाहें तो उन्हें किसी के घर में कुछ समय के लिए सौंप दें. लेकिन लड्डू गोपाल की सेवा का नियम हर हाल में पूरा होना चाहिए. इसके अलावा जाते जाते गोपाल जी को घर की देखरेख की जिम्मेदारी देकर जाएं, जैसे किसी घर के सदस्य को दी जाती है. जिस घर में इस तरह से लड्डू गोपाल का आदर, सम्मान और पूजा की जाती है, वहां लड्डू गोपाल कभी कोई संकट नहीं आने देते.