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अमेरिका ने छात्र वीजा इंटरव्यू किए स्थगित, भारतीय छात्रों के लिए इस रोक का क्या मतलब?

USA: ट्रंप प्रशासन ने 27 मई से दुनिया भर में सभी नए छात्रों के वीजा इंटरव्यू की तारीखों पर अचानक रोक लगा दी है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा हस्ताक्षरित निर्देश में एफ-1 यानी एकेडमिक, एम-1 यानी व्यावसायिक और जे-1 यानी एक्सचेंज विजिटर वीजा के लिए शेड्यूलिंग को रोक दिया गया है। छात्र मुख्य रूप से अमेरिका में पढ़ाई करने के लिए इन वीजा का इस्तेमाल करते हैं। इस रोक का मकसद अमेरिकी विदेश विभाग को सोशल मीडिया पर छात्रों की गतिविधि की जांच को आगे बढ़ाने के लिए समय देना है।

अधिकारियों के अनुसार, ये निलंबन अस्थायी है और उन आवेदकों पर लागू नहीं होता है जिनके वीजा साक्षात्कार पहले से ही तय हैं। इस रोक से मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली में मौजूद अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में अड़चनें पैदा होने की संभावना है। यहां से अकेले 2023 में भारतीय छात्रों के लिए रिकॉर्ड 1,40,000 वीजा प्रोसेस किए गए थे।

अमेरिका के आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 3.7 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ रहे थे, जो सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों का 25 प्रतिशत है। अगर वीजा इंटरव्यू को स्थगित किया जाता है, तो इससे अमेरिकी विश्वविद्यालयों के राजस्व पर भी असर पड़ने की संभावना है, जो बड़ी संख्या में विदेशी छात्रों को दाखिला देते हैं। इस कदम से दूसरे देशों के विश्वविद्यालय छात्रों को अपने यहां आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।

इस कदम की रिपोर्ट सबसे पहले पोलिटिको ने की थी, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई का नया फैसला है। पिछले हफ्ते ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम सर्टिफिकेशन को रद्द कर दिया था। ये ऐसी प्रणाली है जो स्कूलों को विदेशी छात्रों को वीजा के लिए प्रायोजित करने की इजाजत देती है।

इस कदम को तुरंत अदालत में चुनौती दी गई और फिलहाल एक संघीय न्यायाधीश ने इसे रोक दिया है। ट्रंप प्रशासन ने उन छात्रों पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिन्होंने कथित तौर पर कैंपस में फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। प्रशासन ने ऐसे प्रदर्शनों में शामिल लोगों के वीजा रद्द कर दिए हैं और उन्हें निर्वासित करने का आदेश दिया है।