सीरिया में रविवार को विद्रोहियों ने तख्तापलट कर दिया। विद्रोहियों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर कब्जा जमाया तो सरकार गिर गई और सीरिया के राष्ट्रपति असद को देश छोड़कर भागना पड़ा। असद परिवार के 50 साल के शासन के अंत का विद्रोहियों ने सड़क पर जश्न मनाया। सीरियाई स्टेट टेलीविजन ने लोगों के समूह की ओर से बयान प्रसारित किया, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति बशर असद के शासन को उखाड़ फेंका गया है और सभी कैदियों को रिहा कर दिया गया है। रविवार की घटनाओं ने असद के करीब 14 साल के शासन को नाटकीय रूप से खत्म कर दिया क्योंकि बीते लगभग एक दशक से गृह युद्ध में घिरा सीरिया तबाह हो गया था।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक सीरिया में तख्ता पलट की मुख्य वजह इस साल शुरु हुआ विद्रोह, कमजोर हुई सेना समेत रूस और ईरान जैसे सहयोगियों से घटता सपोर्ट रहा। हयात तहरीर अल-शाम की अगवुाई में विपक्षी ताकतों ने इन कमजोरियों का फायदा उठाया। 34 साल की उम्र में विदेश से डॉक्टर की पढ़ाई किए हुए असद, बेहद सौम्य स्वभाव के और टेक्नो सेवी लगते थे।
साल 2000 के वक्त जब असद के शासन की सीरिया में एंट्री हुई थी तो माना जाता था कि वे अपने पिता कि छवि से उलट देश में कई बड़े बदलाव लाएंगे और संघर्षों को खत्म करेंगे। हालांकि 2011 के विरोध प्रदर्शनों का सामना करते हुए उन्होंने अपने पिता के क्रूर तरीकों को अपनाया और सीरिया को ऐसे गृहयुद्ध में झोंका, जिसमें कथित तौर पर पांच लाख लोग मारे गए और आधी जनसंख्या को बेघर होना पड़ा।
बीते नवंबर में विपक्षी ताकतों के हैरान करने देने वाले हमले की वजह से असद की सेना का पतन बेहद तेजी से हुआ। कई संघर्षों से घिरे सीरिया को उसके सहयोगी-रूस, ईरान और हिजबुल्लाह के कम होते सपोर्ट ने असद परिवार के दशकों के शासन का अंत कर दिया।