बांग्लादेश की हाई कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) पर प्रतिबंध लगाने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के वकील मोनिरुज्जमां ने बुधवार को न्यायमूर्ति फराह महबूब और देबाशीष रॉय चौधरी की पीठ के समक्ष याचिका दायर करते हुए प्रतिबंध का आदेश जारी करने की मांग की थी। गुरुवार को कोर्ट ने कहाकि वह अंतरिम सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट है, इसलिए स्वतः संज्ञान लेने की आवश्यकता नहीं है।
सुनवाई की शुरुआत में अटॉर्नी जनरल की ओर से डिप्टी अटॉर्नी जनरल असदउद्दीन ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी अदालत को दी. उन्होंने कोर्ट से कहा कि इस घटना पर सरकार का रुख सख्त है. इसे लेकर अब तक तीन मामले सामने आए हैं,
एक में 13 लोग, एक में 14 लोग और दूसरे में 49 लोगों को आरोपी बनाया गया है. अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीसीटीवी के जरिए 6 और लोगों की पहचान की गई है. सरकार की ओर से अदालत में कहा गया है कि पुलिस एक्टिव है, आरोपियों से पूछताछ करने पर जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.