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बहस के बाद बम, ट्रंप-जेलेंस्की भिड़े, रूस ने 215 हमलों से मचाई तबाही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच एक बार फिर तनाव देखने को मिला। बुधवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दोनों नेताओं के बीच क्रीमिया को लेकर जोरदार बहस हुई। ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन क्रीमिया को रूस का हिस्सा मान ले, लेकिन जेलेंस्की ने इससे साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "ऐसा करना हमारे संविधान का उल्लंघन होगा।" इस बातचीत के कुछ ही घंटे बाद, गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर भारी हमला कर दिया। इस हमले में रूस ने 70 मिसाइलें और 145 ड्रोन छोड़े। कुल मिलाकर 215 हमले किए गए, जिनमें 9 लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। 

क्रीमिया को लेकर ट्रंप का दबाव, जेलेंस्की का कड़ा जवाब

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच क्रीमिया को लेकर तनाव और बढ़ गया है। ट्रंप ने जेलेंस्की को फटकार लगाते हुए कहा, "क्रीमिया तो कई साल पहले ही रूस के पास चला गया था, अब इस पर बात करने का कोई मतलब नहीं है।" ट्रंप का कहना है कि वो यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करना चाहते हैं और शांति समझौता बहुत करीब है। लेकिन, उनके मुताबिक, जेलेंस्की की "जिद" की वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही।
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "जेलेंस्की वॉल स्ट्रीट जर्नल में बढ़-चढ़कर बोल रहे हैं कि यूक्रेन कभी भी क्रीमिया को रूस का हिस्सा नहीं मानेगा। उनसे कोई यह कह भी नहीं रहा। अगर उन्हें क्रीमिया की इतनी ही चिंता थी, तो 11 साल पहले कुछ क्यों नहीं किया, जब रूस ने बिना कोई गोली चलाए क्रीमिया ले लिया था? उस वक्त बराक ओबामा राष्ट्रपति थे। अब ये बात चर्चा लायक भी नहीं है।"

जेलेंस्की का जवाब, 'क्रीमिया पर समझौता नहीं होगा'

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साफ कहा है कि क्रीमिया को रूस का हिस्सा मानना उनके देश के संविधान के खिलाफ है और इस पर कोई बातचीत नहीं की जाएगी। 2014 में रूस ने बिना किसी बड़े हमले के क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था, जिसकी उस समय कई देशों ने आलोचना की थी। लेकिन अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे पुरानी बात कहकर यूक्रेन पर दबाव बना रहे हैं कि वो इस मुद्दे को छोड़ दे।

कीव पर रूस का बड़ा हमला, कई घायल, जेलेंस्की ने दौरा बीच में छोड़ा

डोनाल्ड ट्रंप और वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच कड़ी बहस के कुछ ही घंटों बाद रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया। यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, रूस ने कीव पर 70 मिसाइलें और 145 ड्रोन दागे। इन हमलों में 13 जगहों पर भारी नुकसान हुआ, जिसमें कई रिहायशी इमारतें और आम लोगों के ढांचे तबाह हो गए। कम से कम 42 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 6 बच्चे भी शामिल हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कीव में करीब 6 घंटे तक हवाई हमले के सायरन बजते रहे। आपातकालीन सेवाओं द्वारा जारी की गई तस्वीरों में जलती हुई इमारतें और मलबे में फंसे लोग दिखाई दिए। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने लोगों से अपील की कि वे सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। यूक्रेन के आंतरिक मंत्री इहोर क्लिमेंको ने इस हमले को 'एक बड़ी त्रासदी' बताया। इस हमले की खबर मिलते ही राष्ट्रपति जेलेंस्की, जो उस वक्त दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थे। जेलेंस्की ने तुरंत दौरा बीच में छोड़ने और कीव लौटने का फैसला किया। उन्होंने कहा, "दुनिया को देखना चाहिए कि क्या हो रहा है। इन हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए, बिना किसी शर्त के।" जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तुरंत मदद भेजी जाए।