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ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर लागू होते ही कच्चे तेल के दाम गिरे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित बड़े हमले को दो हफ्तों के लिए टालने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की अनुमति देता है, तो फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकी जा सकती है। इस फैसले का असर तुरंत वैश्विक बाजारों पर दिखा। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत करीब 18% गिरकर लगभग 92.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6% गिरकर 103.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। हालांकि, ये कीमतें अभी भी युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से ज्यादा हैं।

वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। एसएंडपी 500 के फ्यूचर्स लगभग 2.4% ऊपर चले गए, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ता नजर आया। बाजार को उम्मीद है कि अगर तनाव कम होता है, तो आर्थिक हालात भी स्थिर हो सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा एलान करते हुए कहा है कि ईरान पर होने वाले संभावित हमले और बमबारी को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। 

ट्रंप ने बताया कि यह एक 'दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर' होगा, यानी इस दौरान न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि इस समझौते के लिए एक बड़ी शर्त रखी गई है, ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।

ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं वाला एक कारगर शांति प्रस्ताव आया है, जिससे 28 फरवरी से चल रहे युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अगले दो हफ्तों में हालात किस दिशा में जाते हैं, क्या शांति बनेगी या फिर तनाव फिर से बढ़ेगा।