अमेरिका ने ईरान के हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बुधवार को बड़ा हवाई हमला किया है। यमन में लाल सागर के किनारे स्थित बंदरगाह शहर होदेदा के पास अमेरिका की ओर से किए गए हवाई हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। यमन में कई अमेरिकी हवाई हमले हुए। हमला, अमीन मुकबिल इलाके के एक रिहायशी इलाके पर हुआ। पश्चिमी-मध्य प्रांत अमरान और मध्य प्रांत इब्ब के दूरसंचार बुनियादी ढांचे पर जबरदस्त बमबारी हुई। नागरिक सुरक्षा दल लक्षित सुविधाओं में आग बुझाने के लिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले अमेरिका ने मंगलवार को हूती विद्रोहियों के ठिकानों के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया। उन्होंने कुल 50 हवाई हमले किए। इन हमलों को लेकर अमेरिकी सेना ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उसने पहले बयानों में कहा था कि वह तब तक प्रतिदिन हवाई हमले करना जारी रखेगा, जब तक कि हूती लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों पर हमला करना बंद नहीं कर देता।अमेरिका के लगातार हवाई हमलों का हूती समूह पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है, वो क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायल की शिप्स पर हमले जारी रखे हुए है। हूती विद्रोहियों का दावा है कि उनके हमले अमेरिका समर्थित इजरायल पर दबाव डालने के लिए हैं, ताकि वह गाजा पट्टी पर हवाई हमले बंद करे और वहां मानवीय सहायता पहुंचने दे। इससे पहले अमेरिका ने मंगलवार को यमन में हूती बलों के ठिकानों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी और उत्तरी यमन में 22 हवाई हमले किए।
इन हमलों ने राजधानी सना के पूर्वी और दक्षिणी इलाकों लाल सागर में कमरान द्वीप और तेल से समृद्ध मारिब प्रांत को निशाना बनाया। विद्रोहियों के मुताबिक, अमेरिका ने होदेदा के अल-हवाक जिले को निशाना बनाया, जहां शहर का हवाई अड्डा स्थित है, जिसका इस्तेमाल विद्रोहियों ने अतीत में लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले के लिए किया है। हूती विद्रोहियों की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गाजा पट्टी में इजराइल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाए जाने के खिलाफ शुरू किए गए अमेरिकी हवाई हमलों में अब तक कम से कम 107 लोग मारे जा चुके हैं।