Breaking News

मुंबई: मुहर्रम पर जहरीला कैप्सूल मामले के आरोपी फैयाज को पुलिस कोर्ट लेकर पहुंची     |   दिल्ली में इलेक्ट्रिक व्हीकल (eV) पॉलिसी 2026 लॉन्च, 1 जुलाई से होगी लागू     |   SIA ने श्रीनगर की TADA कोर्ट में सरला भट्ट मर्डर केस में चार्जशीट दाखिल की     |   खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की ओर से पबित्रा मार्गेरिटा और सैयद अता हसनैन जाएंगे     |   राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: अनिल मिश्रा-गोपाल राव समेत 70-80 लोगों को नोटिस     |  

गंगा में चलती नाव पर रील बनाई तो होगी कार्रवाई, वाराणसी प्रशासन की नई गाइडलाइन जारी

काशी में आने वाले पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है. अगर आप गंगा में नौकायन का आनंद लेते हुए सोशल मीडिया के लिए रील बताने है या चलती नाव में खड़े होते है तो अब आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है या भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. वाराणसी जिला प्रशासन ने गंगा में बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नाव संचालन हेतु नई सख्त गाइडलाइन जारी की है. यह फैसला हाल ही में गंगा में नाव डूबने की एक बड़ी दुर्घटना के बाद लिया गया है, जिसमें पांच लोगों की जान बाल-बाल बची थी. प्रशासन द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अब नाव संचालकों और पर्यटकों दोनों को निम्नलिखित बातों का पालन करना अनिवार्य होगा:

चलती नाव में रील बनाना या खड़े होकर सेल्फी लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसकी जिम्मेदारी नाव संचालक की होगी कि सवारी ऐसा न करे. बिना लाइफ जैकेट पहने किसी भी सवारी को नाव पर नहीं बिठाया जाएगा. अस्सी घाट से नमो घाट जाने वाली नावें रेत (बालू) वाले हिस्से की तरफ से जाएंगी. वहीं, नमो घाट से अस्सी की ओर आने वाली नावें घाट की तरफ से चलेंगी. नाव संचालक नशे की हालत में नाव नहीं चलाएंगे और पर्यटकों से मर्यादित व्यवहार करेंगे. संचालक तय किराए से अधिक वसूली नहीं कर सकेंगे और नाव की गति सीमा भी निर्धारित रहेगी. केवल पंजीकृत और प्रदूषण रहित मोटर बोट्स को ही संचालन की अनुमति होगी.

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर नियमों की अनदेखी पाई गई, तो BNS की धारा 282 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसमें दोषी को 6 महीने की जेल, 10,000 रुपये का जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं. नाव संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे क्षमता से अधिक सवारी न बिठाएं और यात्रियों को उतारते या चढ़ाते समय विशेष सतर्कता बरतें. प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य काशी आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और गंगा में यातायात को सुव्यवस्थित करना है.