लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद उत्तराखंड सरकार भी सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राज्य के सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, मॉल, होटलों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने फायर फाइटिंग उपकरणों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और आपदा के समय त्वरित निकासी की तैयारियों का भी गहन मूल्यांकन करने को कहा। धामी ने फायर सर्विस विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर तय समय सीमा के भीतर ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
इस बीच लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। PMO ने कहा, "लखनऊ में आग की घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं तथा प्रशासन हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।"