केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने रविवार को हैदराबाद के अंबरपेट स्थित महाकाली मंदिर पहुंचकर बोनालु उत्सव के अवसर पर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देवी से सभी लोगों की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। जी. किशन रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में बोनालु उत्सव देवी का आशीर्वाद पाने के लिए मनाया जाता है। इस पर्व में महिलाओं की खास भूमिका होती है। महिलाएं अपने घरों से सजाए गए बोनम को जुलूस के रूप में लेकर मंदिर पहुंचती हैं और देवी को अर्पित करती हैं।
उन्होंने कहा कि बोनालु के दौरान श्रद्धालु राज्य में शांति, अच्छी बारिश, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा और सभी लोगों के सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने बोनालु मनाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं भी दीं। इससे पहले बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (KTR) ने भी सिकंदराबाद के उज्जैनी महाकाली मंदिर में पहुंचकर पूजा की थी। उनके साथ पूर्व मंत्री और विधायक जी. जगदीश रेड्डी, पूर्व मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव, अंबरपेट विधायक कलेरू वेंकटेश समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
KTR ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि हैदराबाद और सिकंदराबाद के लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ देवी महाकाली को बोनम अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना बनने से पहले बोनालु को राज्य उत्सव घोषित करने की मांग की गई थी, लेकिन उस समय इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
KTR के मुताबिक, तेलंगाना में सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने देवी को स्वर्ण बोनम अर्पित किया और बोनालु को राज्य उत्सव का दर्जा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बीआरएस सरकार के कार्यकाल में यादाद्री श्री लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर के विकास और पुनर्निर्माण पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
KTR ने बताया कि बोनालु उत्सव के दौरान राज्य के मंदिरों की समितियों को भी धनराशि आवंटित की गई। उन्होंने देवी महाकाली से राज्य में अच्छी बारिश और किसानों की समृद्धि की प्रार्थना की। बोनालु उत्सव के प्रमुख आकर्षणों में पोथाराजू नृत्य भी शामिल है। यह बोनालु से जुड़ा पारंपरिक नृत्य है, जो अपनी ऊर्जा और उत्साह के कारण उत्सव के माहौल को और खास बना देता है।