उत्तराखंड के चमोली जिले की उर्गम घाटी में एक ऐसा मंदिर स्थित है जहां बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पहुंचती हैं और भगवान विष्णु को राखी बांधती हैं। इसके बाद ही वे अपने भाईयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। यह परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है। बुग्यालों में स्थित इस मंदिर के कपाट भी सिर्फ रक्षाबंधन पर्व पर ही खुलते हैं। उर्गम गांव से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर प्राचीन बंशीनारायण मंदिर स्थित है। रक्षाबंधन पर्व पर यहां विशेष पूजाएं होती हैं। मंदिर में भगवान विष्णु की चतुर्भुज शिलामूर्ति स्थित है। रक्षाबंधन के दिन कलगोठ गांव के ग्रामीण भगवान विष्णु की पूजा अर्चना संपन्न करते हैं।
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