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अनुसूचित जाति वर्गीकरण लागू करने वाला पहला राज्य बना तेलंगाना

तेलंगाना सरकार ने राज्य में अनुसूचित जाति आरक्षण व्यवस्था में वर्गीकरण लागू किया है। यह फैसला आरक्षण के ढाँचे में बड़ा बदलाव लाने वाला है। अब एससी समुदायों को तीन समूहों में बाँटा जाएगा ताकि आरक्षण का लाभ जरूरतमंदों तक सही तरीके से पहुँचे।

नए आरक्षण वर्गीकरण के अनुसार

समूह 1: सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से वंचित 15 अनुसूचित जाति समुदाय, जिन्हें 1% आरक्षण दिया गया है।​
समूह 2: मध्यम रूप से लाभान्वित 18 अनुसूचित जाति समुदाय, जिन्हें 9% आरक्षण प्रदान किया गया है।​
समूह 3: महत्वपूर्ण रूप से लाभान्वित 26 अनुसूचित जाति समुदाय, जिन्हें 5% आरक्षण दिया गया है।​

यह कदम सुप्रीम कोर्ट के पिछले वर्ष के निर्णय के बाद उठाया गया, जिसमें अनुसूचित जातियों के उप-वर्गीकरण को संवैधानिक मान्यता दी गई थी। मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि इस निर्णय से राज्य में सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा और विभिन्न उप-जातियों के बीच आरक्षण का लाभ समान रूप से वितरित होगा।​

इस फैसले पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता कडियम श्रीहरि ने राज्य में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण को 15% से बढ़ाकर 18% करने की मांग की है, क्योंकि जाति सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी 17% से अधिक है। वहीं, मदिगा समुदाय ने इस फैसले का स्वागत किया है, जो लंबे समय से उप-वर्गीकरण की मांग कर रहा था।​