उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी में रविवार देर रात भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रात के तीसरे पहर जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक धरती कांपने लगी। भूकंप के झटके महसूस होते ही कई लोग नींद से जाग गए और घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था और यह उत्तरकाशी से लगभग 22 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में स्थित था। भूकंप का केंद्र तहसील बड़कोट के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया गया है।
भूकंप के झटके उत्तरकाशी जनपद की गंगा और यमुना दोनों घाटियों में महसूस किए गए। झटके तेज होने के कारण लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक अभी तक भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।उत्तरकाशी भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां 20 अक्टूबर 1991 की मध्य रात्रि को 6.6 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इस भूकंप में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था।
1991 के बाद भी उत्तरकाशी में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। ऐसे में जब भी धरती कांपती है, स्थानीय लोगों के जेहन में 1991 के उस विनाशकारी भूकंप की खौफनाक यादें ताजा हो जाती हैं। फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप के बाद किसी भी तरह के नुकसान की जानकारी सामने आने पर उसका आकलन किया जाएगा।