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अमृत उद्यान में ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन, राष्ट्रपति मुर्मू ने महोत्सव का किया दौरा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 'सुगम्य भारत अभियान' सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से दिव्यांग लोगों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया, जो भौतिक और डिजिटल दोनों तरह की पहुंच पर केंद्रित है। उन्होंने सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पर्पल फेस्ट 2025’ को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय, गरिमा और समानता के भारत के संवैधानिक मूल्यों को दोहराया। इस उत्सव का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाना है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "देवियों और सज्जनों, भारत का संविधान हमें आदर्श सामाजिक मानव प्रदान करता है। हमारे संविधान की प्रस्तावना सामाजिक न्याय, प्रतिष्ठता, क्षमता और व्यक्ति की गरिमा की बात करती है। 'सबका साथ, सबका विकास' के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, सरकार विकलांग व्यक्तियों को सशक्त बनाने और उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।"

उन्होंने कहा, "सरकार 'सुगम्य भारत अभियान' सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से दिव्यांगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भौतिक और डिजिटल दोनों तरह की पहुंच पर केंद्रित है। मुझे खुशी है कि सरकार विशिष्ट विकलांगता पहचान (यूडीआईडी) कार्ड योजना के माध्यम से दिव्यांगों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए प्रयास कर रही है। कौशल विकास और उद्यमिता विकलांग व्यक्तियों को भारत की उभरती अर्थव्यवस्था में समान हितधारक बनने के लिए तैयार कर रहे हैं।"

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि करुणा, समावेशिता और सद्भावना भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग हैं। राष्ट्रपति भवन में दिव्यांग लोगों का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने उन्हें आश्वासन दिया कि "हमारे दरवाजे हमेशा उनके लिए खुले हैं" और पर्पल फेस्ट को "कौशल और प्रतिभा दिखाने का एक अवसर" बताया। इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रदर्शनियां भी शामिल थीं।