Jammu Kashmir: काफी सलाह-मशविरे और इलाके के व्यापारियों, पालकी चालकों और श्रद्धालुओं को ले जाने वाले खच्चर मालिकों की तरफ से उठाई गई चिंताओं पर गौर करने के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटरा से मंदिर तक रोपवे शुरू करने का फैसला लिया है।
रोपवे प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को व्यापारियों और सर्विस प्रोवाइडरों के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें डर है कि इससे उनकी कमाई पर बड़ा असर पड़ेगा। माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालु फिलहाल पैदल, हेलीकॉप्टर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों, पालकी और खच्चरों से यात्रा करते हैं।
श्रद्धालुओं ने रोपवे शुरू करने के कदम को अच्छा बताते हुए कहा है कि इससे उन लोगों को यात्रा करने में आसान होगी जिन्हें अब तक मंदिर तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उनके मुताबिक लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगने वाला वक्त भी अब कुछ मिनटों का रह जाएगा।
श्रद्घालुओं का कहना है कि रोपवे से बुजुर्गों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। साथ ही ये उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो पहाड़ी मंदिर तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर या दूसरे साधनों का खर्च नहीं उठा सकते। श्राइन बोर्ड के मुताबिक, रोपवे के चालू हो जाने पर लोगों के लिए मंदिर तक पहुंचना आसान होगा और लोग और ज्यादा तादाद में माता के दर्शन करने के लिए उतावले होंगे।