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पाकिस्तानी एथलीटों को भारत आने से नहीं रोका जाएगा, भारत सरकार ने स्पष्ट किया रुख

New Delhi: केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने फिर से सरकार का रुख साफ किया कि पाकिस्तान के एथलीटों को भारत में होने वाली बहु-राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोका नहीं जाएगा, चाहे भारत और पाकिस्तान के रिश्ते वर्तमान में तनावपूर्ण ही क्यों न हों।

मांडविया ने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भारत का रुख स्पष्ट है, और सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में किसी भी देश को राजनीतिक कारणों से रोका नहीं जा सकता है, जैसा कि ओलंपिक चार्टर में लिखा है। इससे भविष्य में आयोजन अधिकारों पर असर पड़ सकता है।

आगामी महीनों में भारत में होने वाली महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी की संभावना है, जिनमें एशिया कप हाकी (बिहार) – 27 अगस्त से 7 सितंबर तक, जूनियर हाकी विश्व कप (तमिलनाडु) – 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक और जूनियर शूटिंग विश्व कप (नई दिल्ली) – सितंबर-अक्टूबर शामिल है।

मांडविया ने कहा, "हमारा रुख साफ है, हम पाकिस्तान के साथ किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में खेलने को तैयार हैं, चाहे वह क्रिकेट हो, हाकी हो या कोई और खेल। लेकिन द्विपक्षीय संबंधों पर सरकार का रुख स्पष्ट है।"

पाकिस्तान हाकी महासंघ ने भारत में होने वाली इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अपनी सरकार से मंजूरी मांगी है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है कि यह मंजूरी मिली है या नहीं। मांडविया ने कहा, "हमने पाकिस्तान से कहा है कि हम एशिया कप और जूनियर हाकी विश्व कप के लिए उन्हें वीजा देंगे, लेकिन यह अब उनके सरकार पर निर्भर है कि वे टीम भेजना चाहते हैं या नहीं।"

भारत में पाकिस्तान के भाग लेने का निर्णय ओलंपिक चार्टर के तहत लिया गया है, जो राजनीतिक कारणों से भागीदारी रोकने को मना करता है। भारत 2036 ओलंपिक खेलों और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी की दौड़ में है, इसलिए ये निर्णय महत्वपूर्ण है।