असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। असम डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) के अनुसार, राज्य के 6 जिलों में 37,032 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि सोनितपुर जिले में बाढ़ से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से 12 राजस्व सर्किल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं। फिलहाल कोई भी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है, लेकिन बाढ़ के पानी से करीब 1,104 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित लखीमपुर जिला है, जहां 35,696 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद सोनितपुर में 1,178 और धेमाजी में 158 लोग प्रभावित हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में 20 राहत वितरण केंद्र शुरू किए हैं। फिलहाल राहत शिविर नहीं खोले गए हैं, लेकिन 6,984 लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
सोनितपुर जिले में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने नावों की मदद से 16 लोगों को सुरक्षित निकाला। वहीं, बाढ़ से एक मकान पूरी तरह और 72 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ से 16,139 पशु प्रभावित हुए हैं और दो पशु बह गए। इसके अलावा चार सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और सोनितपुर के चारिदुआर क्षेत्र में जियाभाराली नदी के कारण एक तटबंध भी टूट गया है।
शिवसागर जिले में जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए कच्ची नालियां खोदी जा रही हैं और ह्यूम पाइप लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। एनएचपीसी बांध के गेट खोले जाने के बाद सुबनसिरी नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे माजुली-लखीमपुर सीमा के 20 से अधिक गांव जलमग्न हो गए। बाढ़ के कारण निर्माणाधीन चेलेक-धुनागुरी सड़क भी तीन जगह से बह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। चिरांग जिले के नंगलभांगा गांव और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज कटाव हो रहा है। इससे कई परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और कई लोग बेघर हो गए हैं।