रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन्होंने द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने भी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सैनिकों के शौर्य को याद किया।
उन्होंने कहा, "कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं उन सभी वीर सैनिकों को नमन करता हूं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। राष्ट्र हमेशा उन सभी वीर जवानों का आभारी और ऋणी रहेगा, जिन्होंने 1999 में कारगिल की दुर्गम चोटियों पर असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया।"
उन्होंने आगे कहा, "भारतीय सशस्त्र बलों का अदम्य साहस, बलिदान और अटूट संकल्प आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, कर्तव्य के प्रति समर्पण और मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने की भावना के साथ प्रेरित करता रहेगा।" भारतीय सेना ने लद्दाख के द्रास स्थित लामोचेन व्यू प्वाइंट पर 'युद्ध संस्मरण' कार्यक्रम का आयोजन किया।
27वें कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को द्रास में आयोजित स्मृति कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने सशस्त्र बलों की क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि जब तक देश के वीर सैनिकों की देशभक्ति और संकल्प अटूट है, तब तक कोई भी भारत पर बुरी नजर डालने की हिम्मत नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि सैनिकों का साहस देश के हर नागरिक को बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करने और उन्हें साकार करने का अवसर देता है।रक्षा मंत्री ने कहा, "भले ही दुश्मन की मंशा में कोई बदलाव नहीं आया है और वह प्रॉक्सी वॉर तथा घुसपैठ जैसी नापाक रणनीतियों का इस्तेमाल करना जारी रखता है, लेकिन भारतीय रक्षा बल हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"