भारतीय खुफिया एजेंसी ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक से पहले सभी टारगेट की पहचान की थी। RAW ने लंबे समय से पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी और खासतौर पर उन ठिकानों की सटीक जानकारी जुटाई गई थी जहां भारत विरोधी साजिशें रची जा रही थीं। एजेंसी ने ड्रोन सर्विलांस, सैटेलाइट इमेजरी और जमीनी स्रोतों के माध्यम से टारगेट की पुष्टि की। इनपुट के आधार पर वायुसेना को ऑपरेशन की योजना तैयार करने में मदद मिली। यह एयरस्ट्राइक आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा थी।
RAW ने केवल ठिकानों की पहचान ही नहीं की, बल्कि वहां मौजूद आतंकियों की संख्या, गतिविधियां और उनकी रणनीति से जुड़े इनपुट भी सरकार को सौंपे थे। इसी वजह से एयरस्ट्राइक सटीक और प्रभावशाली रही, जिससे भारत को सामरिक बढ़त मिली। यह ऑपरेशन भारतीय खुफिया एजेंसियों की कार्यक्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण माना जा रहा है।