अगरतला में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने 2 जून 2026 को अगरतला में संयुक्त रूप से व्यापक बाढ़ राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास में नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों, स्थानीय हितधारकों और समुदाय के सदस्यों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को आपदा से निपटने की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य त्रिपुरा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारतीय सेना और NDRF के बीच बेहतर समन्वय, संचालन क्षमता और आपसी सहयोग को मजबूत करना था। अभ्यास के दौरान बाढ़ की एक काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें फंसे हुए लोगों का बचाव, जलमग्न क्षेत्रों से निकासी, चिकित्सा सहायता, राहत शिविरों की स्थापना और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति जैसी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया।
ड्रिल में भारतीय सेना और NDRF की टीमों ने विशेष बचाव तकनीकों, रेस्क्यू बोट के इस्तेमाल, घायलों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया, संचार व्यवस्था और संयुक्त राहत अभियानों का प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों एजेंसियों ने अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का परीक्षण किया, प्रतिक्रिया तंत्र को परखा और संयुक्त अभियान क्षमता को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। आयोजकों के अनुसार, इस संयुक्त अभ्यास ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों की जान-माल की सुरक्षा के प्रति भारतीय सेना और NDRF की प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही यह भी रेखांकित किया गया कि आपदा की स्थिति में संसाधनों की साझेदारी, त्वरित निर्णय और एकजुट प्रयास बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
इस तरह की संयुक्त पहलें स्थानीय समुदायों में भरोसा बढ़ाने और आपदा के समय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इससे पहले मई 2026 में भारतीय सेना की अल्बर्ट एक्का ब्रिगेड ने स्पीयर कोर के तत्वावधान में अगरतला के सालबागान में अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया था। 4 से 16 मई तक चले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य त्रिपुरा के युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के लिए तैयार करना था।स्थानीय समुदाय ने इस पहल का स्वागत किया और इसे युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।