अमेरिका तिब्बत के बहाने चीन को घेर रहा है तो रूस, चीन और उत्तरी कोरिया एक धुरी बन रहे हैं. ईरान और सीरिया भी रूस-चीन से नाता जोड़ रहे हैं. सउदी अरब भी अमेरिकी दबाव से बाहर आने को व्याकुल है. यूक्रेन की लड़ाई से अब यूरोप भी ऊब चुका है. इजराइल के नेतन्याहू अमेरिकी चेतावनी को दरकिनार करते हुए हमास को बर्बाद करने पर तुले हैं. कुल मिलाकर दुनिया का कोई भी देश शांति के प्रयासों को लेकर गंभीर नहीं है.