भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, यानि इसरो ना सिर्फ अंतरिक्ष के शोध में क्रांति ला रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रहा है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि अंतरिक्ष में 10 उपग्रह देश और देश वासियों की सुरक्षा के लिए दिन-रात मुस्तैद हैं।
ये घोषणा ऑपरेशन सिंदूर को देखते हुए की गई। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने सात मई को पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को सटीकता के साथ निशाना बनाया। ये कार्रवाई पिछले महीने पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी।
इसरो के मुताबिक देश की साढ़े सात हजार किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा और थल सीमा की निगरानी बिना उपग्रहों और ड्रोन तकनीक के मुमकिन नहीं है। ये प्रणालियां शुरुआती चेतावनी देती हैं, खतरों का पता लगाती हैं और देश को ना सिर्फ आपदा, बल्कि दुश्मनी भरी कार्रवाईयों से निपटने में भी मदद करती हैं।
इसरो अध्यक्ष ने बताया कि संगठन जी20 देशों के लिए उपग्रह बना रहा है, जिससे जलवायु परिवर्तन, मौसम और वायु प्रदूषण की जानकारी मिलेगी। इसरो अमेरिका के साथ मिलकर उन्नत अर्थ-इमेजिंग सैटेलाइट भी बना रहा है। इसरो ने 1975 में भारत का पहला उपग्रह बनाने के बाद से लेकर अब तक साढ़े पांच सौ से ज्यादा उपग्रह लॉन्च किए हैं। इनमें 30 से ज्यादा देशों के चार सौ तीस से ज्यादा उपग्रह शामिल हैं। इन उपलब्धियों के साथ इसरो ने वाकई लंबा और शानदार सफर तय किया है।