उत्तरी गोवा के एक मंदिर में भगदड़ और छह श्रद्धालुओं की मौत के बाद, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों में ‘कोड रेड’ प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की घोषणा की है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को कहा कि ‘कोड रेड प्रोटोकॉल’ गोवा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) और बाद में जिला अस्पतालों तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में लागू किया जाएगा।
राणे ने जीएमसीएच में घायल श्रद्धालुओं से मिलने के बाद कहा कि दो से तीन मरीजों की हालत गंभीर है। इनमें से दो की हालत में उपचार का सकारात्मक असर हुआ है, लेकिन उन पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। उत्तरी गोवा के शिरगाओ गांव में वार्षिक श्री लईराई देवी मंदिर उत्सव के दौरान शनिवार तड़के हुई भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 70 घायल हो गए थे।
राणे ने कहा कि ‘कोड रेड’ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल है। उन्होंने कहा, ‘‘अस्पतालों में चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान ‘कोड रेड’ प्रोटोकॉल स्वत: लागू हो जाता है। आपको किसी विभाग या व्यक्ति के जवाब का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रणाली के तहत, त्वरित और आवश्यक निर्णय सुनिश्चित करने के लिए बहु-विषयक चिकित्सकों को तुरंत शामिल किया जाता है।’’ स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस प्रणाली को लागू करने की शुरुआत जीएमसीएच से होगी और तीन चरणों में पूर्ण रूप से लागू की जाएगी।
गोवा भगदड़ : स्वास्थ्य विभाग ने ‘कोड रेड प्रोटोकॉल’ लागू करने की घोषणा की
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