असम के शिवसागर जिले के नजीरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कमलाचापोरी गांव में भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के कारण 100 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं और स्थानीय लोग गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं। नागालैंड की ओर से बहने वाली दिखो नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद कमलाचापोरी गांव में पानी भर गया। बाढ़ के कारण कई परिवारों के घर, घरेलू सामान, मवेशी और आजीविका के साधन बर्बाद हो गए हैं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के अनुसार, 19 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे गांव में पानी घुसना शुरू हुआ। पानी तेजी से बढ़ने के कारण लोगों को खुद को और अपने सामान को बचाने के लिए बेहद कम समय मिला। इसके बाद ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कमलाचापोरी गांव में करीब 150 परिवार रहते हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा परिवारों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई मकान छत तक पानी में डूब गए थे। पानी उतरने के बाद घरों के अंदर मोटी गाद और कीचड़ जमा हो गया है। बाढ़ और नदी के तेज कटाव से कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हुई है। विस्थापित परिवार फिलहाल ऊंचे स्थानों पर लगाए गए अस्थायी टेंटों में रहने को मजबूर हैं और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मृत मवेशियों से फैल रही दुर्गंध, जमा पानी और अस्वच्छ परिस्थितियों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई लोगों के बीमार पड़ने की भी खबर है और वे इलाज के लिए चिकित्सा सहायता ले रहे हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राज्य सरकार, सामाजिक संगठनों और आम लोगों से तत्काल मदद की अपील की है। पीड़ितों ने तिरपाल, भोजन, स्वच्छ पेयजल, कपड़े और दवाइयों के साथ-साथ दीर्घकालिक पुनर्वास की मांग की है।
इस बीच, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के सात जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर, चराईदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, विश्वनाथ और कामरूप (मेट्रो) शामिल हैं। बाढ़ से 21 राजस्व सर्किल और 551 गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 3,00,031 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके अलावा प्रभावित जिलों में 21,523.08 हेक्टेयर फसल क्षेत्र भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ है।