प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नए सिरे से छापेमारी की। सूत्रों ने कहा कि बेंगलुरू और मैसूरू में लगभग सात-आठ परिसरों में छापेमारी की गई। संघीय एजेंसी ने इस मामले में पहली छापेमारी 18 अक्टूबर को की थी। इस दौरान मैसूरू में मुडा के कार्यालय और कुछ दूसरी जगहों की तलाशी ली थी।
ईडी ने पिछले हफ्ते बेंगलुरू जोनल कार्यालय में मुडा के कुछ निचले स्तर के अधिकारियों से भी पूछताछ की। ईडी ने लोकायुक्त की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए सीएम और बाकियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पीएमएलए के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की।
ये पूरा मामला सिद्धारमैया की पत्नी बी. एम. पार्वती को मुआवजे के रूप में मिली 14 प्रीमियम साइट से जुड़ा है। 2004 से ये मामला मुडा की ओर से उस समय मुआवजे के तौर पर जमीन के पार्सल के आवंटन से जुड़ा है जब सिद्धारमैया मुख्यमंत्री थे। आरोप है कि सिद्धारमैया और उनकी पत्नी पार्वती ने मुडा से गैरकानूनी तरीके से जमीन ली। दावा है कि इसमें चार हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।