14 अप्रैल 2025 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर, जिन्हें हम सभी बाबासाहेब अंबेडकर के नाम से जानते हैं, को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। बाबासाहेब भारतीय संविधान के निर्माता थे और उन्होंने अपने जीवन को सामाजिक न्याय, समानता, बन्धुत्व, और मानव अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया था।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक संदेश में लिखा
''सभी देशवासियों की ओर से भारत रत्न पूज्य बाबासाहेब को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। यह उन्हीं की प्रेरणा है कि देश आज सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने में समर्पित भाव से जुटा हुआ है। उनके सिद्धांत एवं आदर्श आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण को मजबूती और गति देने वाले हैं।''
बाबासाहेब ने हमेशा समाज में व्याप्त असमानता, भेदभाव, छुआछूत, जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाई। वे चाहते थे कि हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से हो। उन्होंने शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की वकालत की, ताकि सबको आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाबासाहेब के विचार आज भी देश को प्रेरणा देते हैं। आज भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, और यह सपना बाबासाहेब के दिखाए रास्तों पर चलकर ही साकार किया जा सकता है।
सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान जैसे डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, और समाज के कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य सभी जाति, धर्म, वर्ग, में सामाजिक व आर्थिक रुप से समानता बनी रहे। सभी को सामान लेकर चलने के लिए सरकार सफल प्रयास कर रही है। जिससे सभी को सामान अधिकार मिले यह सब अंबेडकर के विचारों से ही प्रेरित हैं।
देश भर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें उनके योगदान को याद किया जाता है और लोगों को उनके विचारों पर चलने के लिए प्रेरित किया जाता है। बाबासाहेब अंबेडकर की सोच और आदर्श आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देते हैं और भारत को एक न्यायपूर्ण और एकजुट राष्ट्र बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।