Breaking News

वेस्ट एशिया में तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $98 प्रति बैरल के पार पहुंची     |   कोकरोच जनता पार्टी ने कल देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया     |   24 जुलाई को CJP का देशव्यापी प्रदर्शन, बड़ी संख्या में छात्रों से शामिल होने की अपील     |   संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा गैंग के गुर्गे वारिस पर NSA लगाई गई     |   उत्तरखंड: पेपर लीक आरोप के बाद यूटीयू बीटेक परीक्षा रद्द, सहायक प्रोफेसर पर केस     |  

ओडिशा के गर्ल्स हॉस्टल में डायरिया का प्रकोप, 30 से ज्यादा छात्राएं बीमार, 19 अस्पताल में भर्ती

ओडिशा के मयूरभंज जिले के बिजातला ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के हॉस्टल में डायरिया फैलने से हड़कंप मच गया। अचानक डायरिया की चपेट में आने से 30 से ज्यादा छात्राएं बीमार हो गईं। इनमें से 19 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए रायरंगपुर सब-डिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक, छात्राओं में गुरुवार को अचानक डायरिया के लक्षण दिखाई देने लगे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई और स्थिति को देखते हुए एक विशेष मेडिकल टीम शाम को हॉस्टल पहुंची। टीम ने मौके पर ही प्रभावित छात्राओं की जांच की और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।हालांकि, 19 छात्राओं की तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी छात्राओं का इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

अधिकारियों को आशंका है कि हॉस्टल में दूषित पानी या खाना खाने की वजह से छात्राएं डायरिया की चपेट में आई हैं। घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच चिंता का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। बाकी छात्राओं के स्वास्थ्य पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि बीमारी को और फैलने से रोका जा सके। हॉस्टल में खाने और पीने के पानी को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) दिलीप कुमार नंद ने जानकारी मिलते ही रायरंगपुर अस्पताल पहुंचकर भर्ती छात्राओं का हाल जाना। उन्होंने बताया कि शाम को छात्राओं के डायरिया से पीड़ित होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद तुरंत दो वाहनों की व्यवस्था कर 19 छात्राओं को रायरंगपुर अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सभी छात्राओं का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। मेडिकल टीम हॉस्टल में भी पहुंच गई है और वहां प्रभावित छात्राओं का इलाज और स्वास्थ्य जांच कर रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की तत्काल कार्रवाई से स्थिति को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद मिली है। हालांकि, छात्राओं के माता-पिता अभी भी चिंतित हैं। इस घटना ने आवासीय स्कूलों में खाने की गुणवत्ता, पीने के पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की पूरी जांच कराने का भरोसा दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि डायरिया फैलने की सही वजह का पता लगाया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन का मुख्य ध्यान बीमार छात्राओं के जल्द स्वस्थ होने और हॉस्टल में रह रही अन्य छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।