Haryana: जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को 21 दिन की ‘फरलो’ दी गई है। जनवरी 2024 के बाद से ये पांचवीं बार है जब उसे अस्थायी रूप से जेल से रिहा किया गया है। सिंह बुधवार की सुबह हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल से बाहर आया और सिरसा में स्थित डेरा के मुख्यालय पहुंचा। वो फरलो की अवधि के दौरान वहां रह सकता है।
डेरा के प्रवक्ता और अधिवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि उसे 21 दिन की फरलो मिली है। एक वीडियो क्लिप में सिंह को डेरा के स्थापना दिवस से पहले अपने अनुयायियों को बधाई देते हुए सुना जा सकता है। डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 29 अप्रैल 1948 को बाबा शाह मस्ताना ने की थी। दिल्ली में फरवरी में संपन्न विधानसभा चुनाव से पहले, जनवरी में सिंह (57) को 30 दिन की पैरोल दी गई थी।
सिंह अपनी दो अनुयायियों से बलात्कार के मामले में 2017 से 20 साल की सजा काट रहा है। सिंह को पिछले साल एक फरवरी को 20 दिन की पैरोल मिली थी। वह पैरोल भी उसे पांच अक्टूबर को हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले मिली थी।
संयोग से बीते कुछ साल के दौरान सिंह को पंजाब, हरियाणा और पड़ोसी राज्यों में चुनाव के समय पैरोल और फरलो मिली हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जैसे सिख संगठन सिंह को राहत प्रदान करने की अतीत में निंदा करते रहे हैं। पिछले साल अगस्त में सिंह को 21 दिन की फरलो दी गई थी। उन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव से बमुश्किल दो हफ्ते पहले सात फरवरी, 2022 से तीन हफ्ते की फरलो दी गई थी।
पिछले साल मई में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सिंह और चार लोगों को 2002 में संप्रदाय के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में "ढुलमुल" जांच का हवाला देते हुए बरी कर दिया था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने करीब 20 साल पुराने हत्याकांड में सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसे सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया गया था।
हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की अच्छी खासी तादाद है। हरियाणा में, सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार समेत कई जिलों में डेरा के काफी अनुयायी हैं। इसका मुख्यालय भी सिरसा में है।