कर्नल सोफिया कुरैशी, जिन्होंने बुधवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' पर मीडिया के जरिए देश को जानकारी दी, कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार में उनके दादा और पिता दोनों ही सेना में रहे हैं। इसलिए उनके अंदर कम उम्र से ही देश की सेवा करने का जज्बा रहा है।
ब्रीफिंग के दौरान, कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने 6 और 7 मई की रात को आतंकियों के टार्गेट किए गए ठिकानों के नाम और उन ठिकानों के आतंकी कनेक्शनों के बारे में बताया। सिग्नल कोर की अधिकारी सोफिया कुरैशी ने हिंदी में बात की, जबकि भारतीय वायुसेना की हेलीकॉप्टर पायलट विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अंग्रेजी में मीडिया को जानकारी दी।
2017 में आयोजित एक पैनल चर्चा में कर्नल सोफिया ने सेना में जाने की अपनी यात्रा के बारे में बताया था कि उन्हें ऑलिव ग्रीन वर्दी पहनने की प्रेरणा कहां से मिली थी। सोफिया एक सैन्य माहौल में ही पली-बढ़ीं, उनकी परवरिश देश सेवा के जज्बे के साथ ही हुई।
सोफिया ने गुजरात के वडोदरा में सयाजीराव यूनिवर्सिटी में बायोकैमिस्टि्री में बीएससी और फिर एमएससी किया, क्योंकि वो प्रोफेसर बनना चाहती थीं इस बीच, उसका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से भारतीय सेना में हो गया, उस समय कारगिल युद्ध चल रहा था। यूनिवर्सिटी में उनके पूर्व क्लासमेट ने बताया कि उनके साथ बिताए समय के दौरान सोफिया कैसी थी।
साल 2016 में कर्नल सोफिया ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब वे विदेश में भारतीय सैन्य टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। वे ‘फोर्स 18’ में भाग लेने वाले 18 देशों में एकमात्र महिला कमांडर बनीं, जो आसियान प्लस देशों का एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास था। महिला दिवस पर एक्स पर एक पोस्ट में रक्षा मंत्रालय ने भी कर्नल सोफिया की उपलब्धियों के बारे में बताया था।