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जनगणना 2027: लद्दाख, J&K, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में 1 सितंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना

भारत सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी 'जनसंख्या गणना' को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. ये नोटिफिकेशन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए जारी हुआ है. गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त कार्यालय ने इसका शेड्यूल रिलीज कर दिया है. बारिश और मौसम को ध्यान में रखते हुए इन इलाकों में जनसंख्या की गणना 1 सितंबर 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगी.

इसके तुरंत बाद, आंकड़ों के वेरिफिकेशन के लिए 1 अक्टूबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक रिवीजन राउंड चलेगा. सरकार ने अधिसूचित क्षेत्रों के लिए जनगणना की रेफ्रेंस डेट 1 अक्टूबर 2026 तय की है. इस समय अवधि के आधार पर ही इन इलाकों की जनसंख्या का डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा.
प्रशासनिक स्तर पर घर-घर जाकर की जाने वाली गणना शुरू होने से ठीक पहले नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निवासी 17 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक 'सेल्फ एन्युमेरेशन' के ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकेंगे.

नागरिक घर-घर गणना प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही ऑनलाइन अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज करा सकेंगे. उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़ी क्षेत्रों का पूरा ब्योरा जनगणना विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर मुहैया करा दिया गया है. बता दें कि 'जनसंख्या गणना' जनगणना का सबसे अहम और दूसरा चरण है. इसके तहत अधिकारी घर-घर जाकर देश के हर नागरिक और परिवार का विस्तृत ब्योरा दर्ज करते हैं. इसमें व्यक्ति का नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, शिक्षा का स्तर, अनुसूचित जाति /जनजाति और रोजगार जैसी व्यक्तिगत और सामाजिक जानकारियां शामिल होती हैं.