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एयर इंडिया ने कहा, बोइंग बेड़े में ईंधन स्विच लॉकिंग सिस्टम की जांच पूरी, कोई खामी नहीं मिली

Mumbai: निजी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने बोइंग 787 और 737 विमानों के बेड़े में ईंधन नियंत्रण स्विच (एफसीएस) के लॉकिंग तंत्र का "एहतियाती" निरीक्षण पूरा कर लिया है और उसमें कोई समस्या नहीं पाई गई है। विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने पिछले हफ़्ते एयरलाइनों को 21 जुलाई तक अपने बोइंग 787 और 737 विमानों में ईंधन स्विच लॉकिंग प्रणाली को परखने के आदेश दिया था।

इससे पहले विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो यानी एएआईबी ने अपनी शुरूआती रिपोर्ट में कहा था कि पिछले महीने एयर इंडिया विमान दुर्घटना से पहले ईंधन स्विच बंद कर दिए गए थे। लंदन गैटविक जा रहे बोइंग 787-8 के एयर इंडिया का विमान एआई 171, 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद हादसे का शिकार हो गया, जिसमें सवार 242 यात्रियों में से 241 और ज़मीन पर 19 लोगों की मौत हो गई।

टाटा समूह की एयरलाइन ने एक बयान में कहा, "निरीक्षण में इंजन फ्यूल लॉकिंग सिस्टम में कोई समस्या नहीं पाई गई।" ईंधन नियंत्रण स्विच विमान के इंजनों में ईंधन के फ्लो को कंट्रोल करता है। बोइंग 787-8 हादसे पर अपनी शुरूआती रिपोर्ट में एएआईबी ने कहा कि विमान के दोनों इंजनों को ईंधन की सप्लाई एक सेकंड के अंतराल में बंद कर दी गई थी, जिससे उड़ान भरने के तुरंत बाद कॉकपिट में गफलत की स्थिति पैदा हो गई।

बोइंग 787, एयर इंडिया के बेड़े का हिस्सा हैं, जबकि बी737 का संचालन उसकी कम लागत वाली सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा किया जाता है। इनके अलावा अन्य घरेलू विमानन कंपनियाँ मसलन इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा भी इस प्रकार के विमानों का संचालन करती हैं। एयर इंडिया ने एक बयान में कहा कि इसके साथ ही दोनों एयरलाइनों, एआई और एआईएक्स ने 14 जुलाई को जारी डीजीसीए के आदेशों का पालन किया है।

एयर इंडिया ने कहा कि उसने 12 जुलाई को स्वैच्छिक निरीक्षण शुरू किया और डीजीसीए द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा कर लिया। भारतीय एयरलाइनों द्वारा 150 से अधिक बोइंग 737 और 787 विमानों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से, इंडिगो के पास सात बी737 मैक्स 8 और एक बी787-9 विमान है।

ये सभी विमान लीज़ पर हैं या तो वेट लीज़ पर या फिर डैम्प लीज़ पर और इसलिए ये भारत में पंजीकृत नहीं हैं। संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने 2018 में 787 और 737 सहित बोइंग विमानों के कुछ मॉडलों पर ईंधन नियंत्रण स्विच लॉकिंग सिस्टम में खराबी की जानकारी दी थी। इसका जिक्र विशेष उड़ान योग्यता सूचना बुलेटिन (एसएआईबी) में किया गया था, लेकिन कोई उड़ान योग्यता आदेश नहीं था, जिससे ये संकेत मिलता है कि ये मुद्दा सुरक्षा संबंधी चिंता का विषय नहीं था।

एएआईबी की शुरूआती रिपोर्ट में कहा गया है, "कॉकपिट की आवाज़ रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता सुनाई देता है कि उसने विमान क्यों बंद कर दिया? दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।" एएआईबी ने रिपोर्ट में एफएए के एसएआईबी का ज़िक्र किया है, जिसने कोई अनुशंसित कार्रवाई का सुझाव नहीं दिया। एयर इंडिया के पास कुल 33 वाइड-बॉडी बोइंग 787 विमान हैं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास लगभग 75 नैरो-बॉडी 737 विमान हैं।

आकासा एयर और स्पाइसजेट बोइंग 737 विमानों का संचालन करती हैं। इंडिगो भी बोइंग 787 और 737 विमानों का संचालन करती है, लेकिन ये विमान विदेशी एयरलाइनों से पट्टे पर लिए गए हैं, जिसका मतलब है कि ये डीजीसीए के आदेशों के अधीन नहीं होंगे।