अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ने एक बार फिर जटिल और जोखिम भरी सर्जरी सफलतापूर्वक कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टरों ने आईटीपी नाम की गंभीर रक्त संबंधी बीमारी से पीड़ित महिला का टोटल हिप रिप्लेसमेंट ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि यह सफलता साबित करती है कि सरकारी अस्पताल भी विश्वस्तरीय और कठिन इलाज करने में सक्षम हैं।
उत्तर प्रदेश की रहने वाली संगीता त्रिवेदी लंबे समय से आईटीपी बीमारी से पीड़ित थीं। इस बीमारी में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बहुत कम हो जाती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान ज्यादा खून बहने का खतरा रहता है। लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाएं लेने की वजह से उन्हें एवस्कुलर नेक्रोसिस (AVN) हो गया, जिससे उनके कूल्हे (हिप) का जोड़ बुरी तरह खराब हो गया। ऐसे में उनके लिए टोटल हिप रिप्लेसमेंट ही एकमात्र इलाज बचा था। संगीता ने कई निजी अस्पतालों में इलाज करवाने की कोशिश की, लेकिन वहां ऑपरेशन का खर्च 3 से 5 लाख रुपये बताया गया। साथ ही, ज्यादा खून बहने के खतरे के कारण कई अस्पताल सर्जरी करने से हिचकिचा रहे थे। इसके बाद वह अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचीं।
डॉ. पीयूष मित्तल और उनकी टीम ने हेमेटोलॉजी, एनेस्थीसिया और ब्लड बैंक विभाग के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और सर्जरी करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान मरीज को 5 यूनिट प्लेटलेट्स, 1 यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (FFP) और 1 यूनिट पैक्ड सेल वॉल्यूम (PCV) दिया गया, जिससे खून बहने का खतरा नियंत्रित किया जा सका। इसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी पूरी की। सर्जरी के बाद संगीता त्रिवेदी की हालत अब स्थिर है। उन्हें कूल्हे के दर्द से राहत मिल गई है और अब वह बिना सहारे चल सकती हैं तथा अपने रोजमर्रा के काम आसानी से कर पा रही हैं। इस सफल ऑपरेशन ने उन्हें नई जिंदगी और आत्मनिर्भरता की उम्मीद दी है।