भारत ने कल रात को जम्मू, पठानकोट और उधमपुर समेत कई अन्य सैन्य ठिकानों पर पाकिस्तान की तरफ से मिसाइल एवं ड्रोन से हमला किए जाने के प्रयासों को विफल कर दिया। इसके बाद भारतीय जवानों ने इस्लामाबाद, लाहौर और सियालकोट में जवाबी कार्रवाई की, जिससे पूरा पाकिस्तान दहल गया। सीमा पर पाक की तरफ से पूरी रात गोलीबारी की गई, जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। अब दोनों देशों के बीच संघर्ष व्यापक होने की आशंका प्रबल हो गई है।
भारत की तरफ से पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमले करने के ठीक एक दिन बाद पड़ोसी देश ने जम्मू में कई जगहों पर गोलाबारी, ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, जिसमें एक प्रमुख हवाई पट्टी भी शामिल है।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे जवाब के बाद पाकिस्तान ने बीती रात भारत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली और सेना की सतर्कता के चलते पाकिस्तान के सभी प्रयास नाकाम कर दिए गए। लेकिन इसके साथ ही भारत ने जो जवाबी कार्रवाई की, उससे इस्लामाबाद से लेकर सियालकोट तक हड़कंप मच गया।
8 मई की रात लगभग 10 बजे से ही जम्मू, पठानकोट और उधमपुर के आस-पास के क्षेत्रों में पाकिस्तान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू हो गए। पाकिस्तान की ओर से दागी गई कुछ मिसाइलें सीमा के पास गिरने से पहले ही भारतीय मिसाइल डिफेंस सिस्टम द्वारा निष्क्रिय कर दी गईं, जबकि कुछ ड्रोन इंटरसेप्ट कर मार गिराए गए। जम्मू में एक हवाई पट्टी को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
इसके बाद भारतीय सेना ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सीमा पार इस्लामाबाद, लाहौर, सियालकोट और पीओके के कोटली, मीरपुर जैसे इलाकों में आतंकी ठिकानों और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया। रातभर जारी इस जवाबी हमले में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। अब तक आधिकारिक आंकड़े नहीं आए हैं, लेकिन कई आतंकी ठिकाने और हथियारों के डिपो पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
भारतीय सेना ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (SAM Systems) को तैनात कर दिया है। सभी एयर डिफेंस यूनिट्स सक्रिय हैं और संभावित हमलों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। सेना के साथ-साथ एयर फोर्स भी अलर्ट पर है और फाइटर जेट्स लगातार निगरानी कर रहे हैं। जम्मू, पंजाब और हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में ब्लैकआउट लागू किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में आम नागरिकों को सुरक्षा दी जा सके।
इस सैन्य तनाव का असर नागरिक सेवाओं पर भी पड़ा है। कई घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया गया है या उनका रूट बदला गया है। रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी यात्रियों की दोहरी जांच की जा रही है और सिविल डिफेंस की टीमों को तैयार रहने का आदेश दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सेना प्रमुखों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की है। भारत किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने को तैयार नहीं है। पाकिस्तान की ओर से हमले के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक प्रयास भी तेज कर दिए हैं ताकि पाकिस्तान की हरकतों को वैश्विक स्तर पर उजागर किया जा सके।
भारत और पाकिस्तान के बीच यह ताजा टकराव सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक संघर्ष में बदल सकता है। भारत जहां अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं पाकिस्तान पर दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले कुछ दिन इस क्षेत्र के लिए बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।