महाराष्ट्र सरकार ने वीर जीवाजी महाले की याद में प्रतापगढ़ किले की तलहटी में एक भव्य स्मारक बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्णय के बाद इस परियोजना के पहले चरण के लिए 1 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल ही में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के महाबलेश्वर दौरे के दौरान कई शिवप्रेमी संगठनों ने वीर जीवाजी महाले का स्मारक बनाने की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने पर्यटन विभाग के माध्यम से स्मारक बनाने का फैसला लिया।
मंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज्य वीरता, स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक है। प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक लड़ाई में वीर जीवाजी महाले ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ से छत्रपति शिवाजी महाराज की जान बचाई थी। उनकी वीरता को याद करते हुए आज भी यह कहावत प्रसिद्ध है—"होता जीवा म्हणून वाचला शिवा", यानी अगर जीवा नहीं होते तो शिवाजी महाराज बच नहीं पाते।
हर साल 10 नवंबर को प्रतापगढ़ किले पर शिव प्रताप दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस मौके पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, इतिहासकार, छात्र और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। सरकार का कहना है कि लंबे समय से सामाजिक संगठनों, इतिहासकारों और शिवाजी महाराज के अनुयायियों की ओर से वीर जीवाजी महाले के स्मारक की मांग की जा रही थी। इसी को देखते हुए पर्यटन विभाग की जमीन पर यह स्मारक बनाया जाएगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस स्मारक के बनने से प्रतापगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और महाराष्ट्र के पर्यटन मानचित्र पर इस ऐतिहासिक स्थल की पहचान और मजबूत होगी। यह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण भी बनेगा।