जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में मंगलवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 27 लोगों की मौत हुई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आतंकियों ने चुन-चुनकर पर्यटकों को निशाना बनाया। इस हमले से पूरे देश में आक्रोश है। आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पहलगाम पीड़ितों के लिए चार विशेष विमानों का इंतजाम किया है. दो फ्लाइट कश्मीर से दिल्ली के लिए जबकि दो फ्लाइट कश्मीर से मुंबई के लिए अरेंज की गई हैं. नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू निजी तौर पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार की शाम एक भीषण आतंकी हमले में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब एक यात्री बस अमरनाथ यात्रा मार्ग के पास से गुजर रही थी।
आतंकवादियों ने बस पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। सुरक्षाबलों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक जांच के अनुसार, इस हमले के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और तलाशी अभियान जारी है।
इस हमले ने एक बार फिर से घाटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर। स्थानीय लोग और राजनीतिक दल प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने की घोषणा की है। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां अगले संभावित हमलों को रोकने के लिए सतर्क हो गई हैं।