Breaking News

CUET UG 2026: तकनीकी गड़बड़ी की बात NTA ने मानी, दोबारा होगी प्रभावित छात्रों की परीक्षा     |   नोएडा के स्पार्क मिंडा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आग बुझाने में जुटी दमकल की 6 गाड़ियां     |   दिल्ली में आंधी-तूफान का खतरा, IMD का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी     |   'मेरा क्या हाल किया गया, सबने देखा', सोनारपुर में हमले के बाद अभिषेक बनर्जी का BJP पर निशाना     |   ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक पर हमला     |  

उत्तराखंड में 1000 नए फॉरेस्ट गार्ड की होगी भर्ती, CM धामी के निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अधिकारियों को राज्य में 1,000 नए फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों की समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वन संपदाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जंगल में आग लगने की घटनाओं में प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि वनाग्नि की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।

धामी ने वन पंचायतों और ग्राम समितियों को वनाग्नि रोकथाम गतिविधियों के लिए नियमानुसार बजट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उन्होंने वन विभाग को प्रत्येक डिवीजन में पर्याप्त पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत सूचना पहुंचाने के लिए मोबाइल अलर्ट सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने राज्यभर में वनाग्नि प्रबंधन के लिए “शीतलाखेत मॉडल” लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही फायर लाइन के आसपास छोटे जलाशय बनाने, ठोस कार्ययोजना तैयार करने और अग्निशमन कर्मियों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।

गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने राज्यभर में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक पानी के टैंकर उपलब्ध रहें और क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइनों की जल्द मरम्मत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मैदानी इलाकों के साथ-साथ तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। मानसून को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी विभागों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा। जिला प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों में फील्ड निरीक्षण कर संवेदनशील क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए सभी गर्भवती महिलाओं का पूरा डेटा रखने और मानसून के दौरान उन्हें अस्पताल पहुंचाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले जिन श्रद्धालुओं को मेडिकल जांच में यात्रा के लिए अयोग्य पाया जाए, उन्हें यात्रा न करने की सलाह दी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।