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बिना किसी आहट के आता है साइलेंट ब्रेन स्ट्रोक, इन तरीकों से करें बचाव

साइलेंट ब्रेन स्ट्रोक (Silent Brain Stroke) दिमाग की नसों में क्लॉटिंग होने या ब्लीडिंग होने के कारण होता है। दिमाग के सेल्स तक ऑक्सिजन न पहुंच पाने के कारण इससे ब्रेन डैमेज होता है। इसे साइलेंट ब्रेन स्ट्रोक इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते।

ऐसा ब्रेन के एक छोटे से हिस्से के प्रभावित होने पर हो सकता है, जिसका फंक्शन खास न हो। इस वजह से इसका पता लगाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसका पता अक्सर ब्रेन स्कैन के दौरान चलता है, जब दिमाग में कोई टिशु डैमेज नजर आता है या कोई घाव नजर आता है। इसे साइलेंट सेरेब्रोवास्कुलर एक्सीडेंट भी कहा जाता है।

कोई लक्षण नजर न आने की वजह से इसका पता लगाना मुश्किल होता है। इसलिए लोगों को पता भी नहीं चल पाता है कि उन्हें कभी स्ट्रोक आया था। हालांकि किसी और कारण से ब्रेन स्कैन कराने पर पता चलता है कि वे कभी साइलेंट ब्रेन स्ट्रोक के शिकार बने हैं। तब आपके डॉक्टर आपको दवाईयां दे सकते हैं ताकि भविष्य में यह समस्या न हो या उसकी संभावना कम हो जाए।

बीपी हाई होने के कारण साइलेंट ब्रेन स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अगर आपको बीपी की समस्या है, तो अपने डॉक्टर से मिलकर इसका इलाज करवाएं और सावधानियां बरतें। ज्यादा नमक खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, जिसकी वजह से बीपी हाई होने की बहुत ज्यादा संभावना हो सकती है। हेल्दी वेट होना आपकी पूरी सेहत के लिए जरूरी है। वजन ज्यादा होने से कोलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन और हार्ट डिजीज की समस्या हो सकती है। ये सभी साइलेंट ब्रेन स्ट्रोक होने के खतरे को बढ़ाते हैं इसलिए हेल्दी वजन मेंटेन करें। स्मोकिंग से स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप स्मोक करते हैं, तो आज ही बंद कर दें।