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अंतरराज्यीय धर्म परिवर्तन रैकेट का सरगना दिल्ली से गिरफ्तार, इस मामले में अब तक 11वां आरोपी पकड़ा

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अंतरराज्यीय धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ होने के दो दिन बाद पुलिस ने सोमवार को इस मामले के कथित सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि फिरोजाबाद का रहने वाला अब्दुल रहमान इस मामले में अब तक गिरफ्तार किया गया 11वां आरोपी है। आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि रहमान इस गिरोह का सरगना है और गिरोह के सदस्य उसे "रहमान चाचा" कहते हैं।

पुलिस आयुक्त ने कहा, "आज एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी हमारे द्वारा अब्दुल रहमान नाम के एक व्यक्ति की हुई, जो कि दिल्ली से गिरफ्तारी हुई। अब्दुल रहमान मूलरूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला था और 1990 में इसने धर्म परिवर्तन किया था। कलीम, जिसको कि माननीय कोर्ट के एटीएस ने 2021 में गिरफ्तार किया था। कोर्ट द्वारा इसको सजा दी गई 2024 में, इसका ये घनिष्ट सहयोगी था और धर्म परिवर्तन के जितने किताबें होती है, कागजात होते हैं, ये इसके पास से मिले हैं। और कलीम की अनुपस्थिति में धर्म परिवर्तन खासकर हिंदू लड़कियों को अपने जिहाद के तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए अपने साहित्य के द्वारा भड़काता था।"

कुमार ने बताया कि पुलिस रहमान को रिमांड पर लेने के बाद उससे पूछताछ करेगी। 19 जुलाई को राज्य पुलिस ने धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ किया था और छह राज्यों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले की जाँच मार्च में आगरा में शुरू हुई थी जब 33 और 18 साल की दो बहनों के लापता होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने बताया कि जाँच से पता चला कि उन्हें कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया था और उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेला जा रहा था।

उन्होंने बताया कि बहनों में से एक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफ़ाइल पिक्चर के रूप में एके-47 राइफल पकड़े एक लड़की की तस्वीर भी लगाई थी। पुलिस आयुक्त कुमार ने शनिवार को कहा था कि शुरूआती जांच में पाया गया कि दोनों बहनें 'लव जिहाद' और कट्टरपंथ फैलाने वाले एक गिरोह के निशाने पर थीं।

आगरा पुलिस ने इस मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियाँ की हैं। राजस्थान से तीन, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से दो-दो, और गोवा तथा उत्तराखंड से एक-एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कुमार ने कहा कि अवैध धर्मांतरण और कट्टरपंथ फैलाने वाले गिरोह की कार्यप्रणाली आईएसआईएस की झलक देती है।

पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोवा की आयशा, कोलकाता के अली हसन और ओसामा, आगरा के रहमान कुरैशी, मुजफ्फरनगर के अब्बू तालिब, देहरादून के अबुर रहमान, राजस्थान के मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी और एक अन्य मोहम्मद अली और दिल्ली के मुस्तफा के रूप में हुई है।