मेरठ के गंगानगर में युवा भाजपा नेता से अभद्रता के मामले में अब SHO गंगानगर पर गाज गिरी है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह को थाने से हटाया गया है। कि इसी मामले में दो दिन पहले दरोगा प्रशांत मिश्रा को लाइन हाजिर किया गया था। वहीं सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला जांच होने तक छुट्टी पर चली गई हैं। उन्होंने कहा है कि मैंने गलती नहीं की है, भाजपा नेता नेमू पंडित ने अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा डाली है। एसएसपी ने दोनों तरफ के आरोपों पर जांच बैठाई है।
आपको बता दे गंगानगर में दो दिन पूर्व ईनर रिंग रोड पर चेंकिग के दौरान हुई इस घटना में पुलिस ने भी भाजपा नेता पर आरोप लगाए हैं। सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला का कहना है कि मैंने गलती नहीं की है। भाजपा नेता ने वहां आकर अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा डाली। जांच होने तक सीओ सदर देहात छुट्टी पर चली गई हैं। वहीं, दूसरी ओर भाजपा नेता ने किसी तरह की अभद्रता करने से इनकार किया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोप पर जांच बैठा दी है। जांच में क्या निकलकर आता है यह देखना बाकी है। मंगलवार को नेताओं ने इस प्रकरण को लेकर बैठक भी की है। जिसमें आगामी रणनीति बनाई गई। चर्चा यह भी है कि पार्टी के ही कुछ नेता पुलिस के पक्ष में हैं।
दरअसल बीते शनिवार की रात गंगानगर थाना पुलिस नाले के पास ईनर रिंग रोड पर चेंकिग कर रही थी। रात 11 बजे बाइक सवार भाजयुमो नेता अभय पांडे को सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला ने रोक लिया था। बाइक के नंबर मिटे होने पर छह हजार का चालान कर दिया था। इस बीच अभय पांडे ने भाजयुमो के मंत्री नेमू पंडित को बुला लिया। जिसमें नेमू ने चालान का विरोध किया। सीओ सदर देहात ने नेतागिरी ना करने की बात कही। इस बीच नेमू पंडित ने कैंट विधायक अमित अग्रवाल को फोन कर जानकारी दी थी। आरोप है कि सीओ ने कहा था कि जब तक विधायक यहां पहुंचेंगे तू हवालात में होगा। उसके बाद करीब एक घंटे तक गाड़ी में बैठाकर रखा। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मुझे कहा गया कि अगर तू पैर पकड़कर माफी मांगेगा तो छोड़ देंगे। इस बीच कैंट विधायक ने सीओ को कई बार फोन किया। परंतु मांफी मांगने पर ही भाजपा नेता को छोड़ा गया।
वही इस पूरे मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है पूरे प्रकरण की जांच हो रही है। दरोगा के खिलाफ पूर्व में ही जांच चल रही थी।