पथनमथिट्ठा (केरलम), 18 अक्टूबर (भाषा) वार्षिक मंडलम-मकरविलक्कू तीर्थयात्रा सत्र की शुरुआत से कुछ हफ्ते पहले रविवार को अरीक्कारा सुब्रमण्यम शंकरन नंबूथिरी को शबरिमला भगवान अयप्पा मंदिर के नए ‘मेलशांति’ (मुख्य पुजारी) के रूप में चुना गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
शबरिमला मंदिर से करीब 100 मीटर दूर स्थित मलिकप्पुरम देवी मंदिर के नए मुख्य पुजारी के रूप में ए दामोदरन नंबूदरी को चुना गया है।
अधिकारियों के अनुसार, सुबह की पूजा के बाद पर्ची निकालकर चयन किया गया। शबरिमला मंदिर के मुख्य पुजारी पद के लिए सात नामों पर विचार किया गया था।
तिरुवनंतपुरम निवासी शंकरन नंबूदरी वर्तमान में राज्य की राजधानी स्थित पझावंगडी गणपति मंदिर के मुख्य पुजारी हैं।
कोझिकोड जिले के वडकरा के रहने वाले दामोदरन नंबूदरी वर्तमान में पय्योली के कीझूर स्थित भगवान शिव मंदिर के मुख्य पुजारी हैं।
दोनों 16 नवंबर को एक साल के लिए कार्यभार संभालेंगे। इसके एक दिन बाद मंडलम-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा सत्र के लिए शबरिमला मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
शंकरन नंबूदरी ने पत्रकारों से बातचीत में अपने चयन पर खुशी जताई और कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार उनका चयन होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले साक्षात्कारों में सूची में उनका नाम अंत में आता था लेकिन इस बार उनका नाम सबसे पहले आया।
उन्होंने अपने चयन का श्रेय पझावंगडी गणपति मंदिर के भगवान गणपति को दिया जहां वह पिछले पांच वर्ष से मेलशांति के रूप में सेवा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 2020 से पहले शबरिमला के लिए आवेदन किया था। मैं 2020 से इस पझावंगडी गणपति मंदिर का मुख्य पुजारी हूं। इसके बाद मैंने आवेदन नहीं किया क्योंकि यह भारतीय सेना के प्रबंधन वाला मंदिर है और इसकी अपनी प्रक्रियाएं हैं। इसके लिए हमें अनुमति लेनी होती है। इस बार मुझे अनुमति मिली।’’
उन्होंने पूजा-पद्धतियां सिखाने का श्रेय अपने गुरुओं और पूर्वजों को भी दिया।
त्रिशूर के प्रसाद ई डी शबरिमला मंदिर के निवर्तमान मेलशांति हैं जबकि कोल्लम के मनु नंबूदरी एम जी मलिकप्पुरम मंदिर के निवर्तमान मेलशांति हैं।
भाषा सुरभि सिम्मी
सिम्मी