इंफाल/कामजोंग, 18 अक्टूबर (भाषा) मणिपुर में कामजोंग जिले के एक पहाड़ी गांव में कुकी समुदाय के कम से कम 15 मकानों को आग लगा दी गई, जिसके कारण बड़ी संख्या में आम लोगों को जंगलों और पास के सैन्य शिविर में शरण लेनी पड़ी। । अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध उग्रवादियों ने शनिवार देर रात चासाद गांव पर हमला किया और घरों में आग लगा दी।
इससे पहले दिन में भी संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव पर हमला किया था, जिसमें कुकी समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रभावित इलाके में असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और कामजोंग पुलिस की संयुक्त टुकड़ी तैनात की गई है।
उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने चासाद में हुई हिंसा की निंदा की।
उन्होंने कुकी समुदाय के लोगों की मौत पर दुख जताया और घायल ग्रामीण नेताओं एवं विस्थापित परिवारों को लेकर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने मकानों में आग लगाए जाने को ऐसा अपराध बताया, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
किपगेन ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों को 24 घंटे सतर्क रहने, आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा करने और इस घटना के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने का निर्देश दिया है।
एक अन्य घटना में शनिवार रात कामजोंग जिला मुख्यालय में दूसरे समुदाय के प्रतिद्वंद्वी हथियारबंद समूहों ने एक गांव पर हमला किया, जिसमें तांगखुल नगा समुदाय के तीन लोग गोली लगने से घायल हो गए।
भाषा जोहेब सिम्मी
सिम्मी