नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए चिकित्सा उपकरणों, दवाओं और अस्पताल संबंधी सामान की खरीद में कथित भ्रष्टाचार के मामले में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) की पूर्व महानिदेशक डॉ. वत्सला अग्रवाल और केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) के कार्यालय के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा की नियमित जमानत याचिकाएं शनिवार को खारिज कर दीं।
आरोपियों की अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने साझा आदेश में कहा कि अपराधों की गंभीरता, दोनों आरोपियों की कथित भूमिका और जारी जांच को देखते हुए इस चरण में उन्हें जमानत देना उचित नहीं है।
न्यायाधीश ने कहा कि सह-आरोपी राजीव कुमार उर्फ राजीव रंगीला और अन्य अज्ञात व्यक्तियों, संस्थाओं या कंपनियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।
न्यायाधीश प्रकाश ने कहा, ‘‘इसलिए जमानत याचिकाएं खारिज की जाती हैं और उनका निपटारा किया जाता है।’’
भाषा गोला रंजन
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